The Painting – Story of Ego in Hindi |अहंकार पर कहानी By Sumit Sarathe

The Painting - Story of Ego in Hindi

Story of Ego in Hindi: Hello Friends आज दोबारा से मैं आपके लिए अहंकार पर कहानी पेश कर रहा हूँ जिसमे एक Painter है कहानी को पढ़कर हो सकता है कि उस Painter के स्थान पर आप हो इसलिए इस Inspirational Story On Ego In Hindi को पूरा पढ़िए। बहरहाल मेरा नाम है Sumit Sarathe और मैं Bsc का Student हूँ साथ में Narbariya.com पर लेखक।

Inspirational Story On Ego In Hindi

यह कहानी है एक पेंटर की, जो अपने हुनर में बहुत माहिर है वह जब भी कोई Painting बनाता, देखने वाले उसकी तारीफों में कसीदे पढ़ देते, धीरे-धीरे समय गुजरा, वह रोज नई पेंटिंग बनाता और रोज़ अपने हुनर के लिए लाखों तारीफें बटोरता, सभी उससे कहते भाई तुम्हारे जैसा पेंटर तो पूरी दुनिया में और कोई नहीं है।

पेंटिंग सभी बनाते हैं लेकिन तुम्हारे जैसा कोई नहीं है, कुछ पेंटिंग्स के लिए उसे कुछ ईनाम भी मिले, ऐसे ही धीरे धीरे वह खुद भी सोचने लगा कि मेरे जैसा पेंटर इस दुनिया में और कोई भी नहीं है, जो भी व्यक्ति उसकी पेंटिंग की तारीफ करता, वह तारीफ सुनते ही उसका विश्वास और दृढ़ होता जाता कि मेरे जैसा पेंटर तो इस दुनिया में और कोई नहीं है।

ऐसे ही तारीफें सुनते-सुनते उसका विश्वास कब अहंकार में बदल गया उसे खुद को भी पता नहीं चला और वह अपने हुनर के प्रति अहंकारी हो गया

अब वह सिर्फ यही सोचता कि मैं इस दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पेंटर हूँ।

The Painting - Story of Ego in Hindi

फिर एक दिन उसका एक दोस्त उसके घर आया कुछ दिन रहने के लिये। वह दोस्त उस पेंटर के साथ कुछ दिन रहा और उसने उस पेंटर के स्वाभाव में अहंकार को देख कर यह निर्णय लिया कि वह अब यहाँ से तभी जाऐगा जब उस पेंटर का अहंकार खत्म कर देगा।

फिर एक दिन पेंटर के दोस्त ने पेंटर को एक सलाह दी और कहा ‘क्यों ना वह पेंटर एक पेंटिंग बनाए और उसे शहर के चौराहे पर जाकर टांग दे, और उस के साथ एक बात लिख दे कि “इस पेंटिंग में जो जो गलतियां हो,उन पर निशान लगाएं” तुम तो ऐसी पेंटिंग बनाते हो जिसमें कोई गलती हो ही नहीं सकती है इससे क्या होगा तुम्हारे हुनर के बारे में सारे शहर को एक☝ साथ पता चल जाएगा और तुम और ज्यादा फेमस हो जाओगे।’

Story of Ego in Hindi: First Day

पेंटर अपने दोस्त की बात मान लेता है और अपनी पेंटिंग को शहर के चौराहे पर टांग आता है। अब वह अगले दिन जाकर देखता है तो पाता है कि वह पेंटिंग पूरी तरह निशानों से खराब हो चुकी है और बहुत ही बुरी लग रही है।

वह वापस घर लौटता है और अपने दोस्त से कहता है कि यार मैं तो सर्वश्रेष्ठ पेंटर हूँ मुझसे तो कोई गलती हो ही नहीं सकती फिर ऐसा कैसे हो गया। फिर उसका दोस्त उसे समझाता है। देख भाई हम जो करते हैं जरुरी नही कि उसमें कोई गलती न हो। गलतियां हो भी सकतीं है हर व्यक्ति अपने आप में इतना परिपूर्ण नहीं होता।

मगर हो सकता है कि देखने वालों का नजरिया ही हमारी सोच के विपरीत हो तो हम इसमें कुछ नहीं कर सकते। मगर ये कहना कि मैं सर्वश्रेष्ठ हूँ यह गलत और यह अहंकार की भावना है। तुम एक काम करो एक और पेंटिंग बनाओं और उसे भी चौराहे पर जाकर टांग दो। लेकिन अब तुम इस पर ये लिखना कि “इसमें जो जो गलतियां है क्रपया उसे सुधार दें”

Story of Ego in Hindi: Second Day

वह पेंटर एक बार फिर अपने दोस्त की बात मान लेता है। और एक दिन बाद एक पेंटिंग बनाकर चौराहे पर जाकर टांग आता है।

दूसरे दिन जब वह पेंटर अपनी पेंटिंग चौराहे पर से निकाल कर वापस लेकर घर आया तो उसने पाया कि वह पेंटिंग बिलकुल वैसी की वैसी ही है उसके साथ किसी ने कोई छेड़छाड़ नहीं की, पेंटिंग बिलकुल साफ़ सुथरी रखी हुई है। यह सब देख कर वह अपने दोस्त से सवाल करता है,

भाई ये सब कैसे हो गया। फिर उसका दोस्त उसे समझाता है कि देख यार इस दुनिया में ऐसा ही होता है गलतियां तो सभी निकाल देते हैं लेकिन उन गलतियों को सुधारने की कोई हिम्मत नहीं करता।

Gyan Ki Baat!

लोग गलतियां निकालने में माहिर है, लेकिन सुधारने में गैर हाज़िर

यही है दुनिया का सबसे बड़ा उसूल।

हाँ कुछ लोगों का हमें देखने का नजरिया सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता है लेकिन इस पर हम ये समझने लगें कि हमसे कभी कोई गलती हो ही नहीं सकती, ये तो भाई गलत बात है। ये पूरी तरह अहंकारी होना हैं।

अपने दोस्त की बातें सुनकर पेंटर को यह अहसास होता है कि वह इतने दिनों से अहंकार में था, लेकिन ये सब होने के बाद अब उसके मन से अहंकार खत्म हो चुका था।

अपने दोस्त को सही राह पर लाकर वह दोस्त भी अब अपने घर वापसी पर था।

हमने क्या सीखा ?

👉यह कहानी हमें कुछ जरुरी बातें सिखा जाती है जिन्हें नोटिस करना जरूरी है जैसे कि हमें कभी भी अपने आप को अहंकारी नहीं होने देना चाहिए और अपने दोस्त को भी अहंकारी होने से बचाना चाहिए एक अच्छे दोस्त का फर्ज निभाना चाहिये।

अंत में मुझे आपसे एक शेयर और कमेंट की उम्मीद है इस Story of Ego in Hindi को अपने दोस्तों को Whatsapp & Facebook के द्वारा भेजिए हो सकता है आप किसी की life सुधारने के कारण बन जाये, मैं आगे भी आपके लिए ऐसी ही Story in Hindi लाता रहुगा।

यह भी पढ़े:- The Driver of Life – Life Changing Real Story by Sumit Sarathe

🙏🙏🙏धन्यवाद 🙏🙏🙏

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बहुवचन: 2 विचार “The Painting – Story of Ego in Hindi |अहंकार पर कहानी By Sumit Sarathe

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