चंद्रयान 2 की महत्वपूर्ण जानकारी

चंद्रयान 2 की शुरुवात कब होने वाली थी?

भारतीय चंद्रयान मिशन के अनुसार चंद्रयान 2 की शुरुवात 2011 में की जानी थी जिसके लिए रुस का लैंडर और रोवेल का इस्तेमाल किया जाना था लेकिन रुस ने मिशन के लिए अपना लैंडर और रोवेल देने से मन कर दिया फिर इसरो को मिशन पोस्टपोन करना पड़ा ताकि इसरो खुद का Lander और Rovel बना सके लेकिन इन्हे बनाने में 8 साल का वक्त लग गया। और इसी प्रकार अब जाकर chandrayan 2 को सफलता मिली है।

चंद्रयान 2 को कब और कहाँ से लांच किया गया?

वैसे तो चंद्रयान 2 को लॉन्च करने में इसरो को काफी मसक्कत और रिसर्च करनी पड़ी लेकिन आखिर में 22 जुलाई 2019 को Chandrayan 2 आंध्रप्रदेश में स्थित श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 2:43 को लॉन्च हो ही गया।

हालांकि इससे पहले 15 जुलाई 2019 को भी लांच करने की असफल कोशिश भी की गई थी।

चंद्रयान 2 का कुल वजन कितना है?

चंद्रयान 2 का पूरा कुल वजन/भार 3850 किलोग्राम है।

चंद्रयान 2 क्यों लॉन्च किया गया?

चंद्रयान 2 खासतौर पर इसलिए लांच किया गया कि भारत पूरी दुनिया में अपनी प्रतिष्ठा कायम कर सके।

चंद्रयान 2 चन्द्रमा के ऐसे इलाके में भेजा गया जहा आज तक कोई ओर देश नहीं पहुंच सका।

इसलिए भी यह भारतीय चंद्रयान मिशन बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही मिशन का उदेश्य यह भी था कि इस मिशन से न केवल भारत को फायदा होगा बल्कि दुनिया को भी फायदा हो.

चंद्रयान 2 भेजने के मुख्य कारण निम्न है-

1. सबसे जरुरी कि चन्द्रमा पर पानी की खोज की जा सके।
2. Early Solar System की जानकारी प्राप्त की जा सके।
3. Lunar South Pole की 3D Image प्राप्त की जा सके।
4. भारत अपनी आन वान शान को कायम रख सके।
5. चंद्रमाँ के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल की जा सके।

चंद्रयान 2 की कुल कीमत कितनी है?

चंद्रयान 2 मिशन की शुरुआत से लेकर सफलतापूर्वक पूरा करने में कुल 1000 करोड़ का खर्चा आया है।

चंद्रयान 2 पर कितने लोग हैं?

चंद्रयान 2 दरअसल मानवरहित यान है इसलिए इसमें कोई भी व्यक्ति नहीं है।

चंद्रयान 2 की स्पीड क्या है?

चंद्रयान 2 की स्पीड 21600 Kmph है वही Soft landing के दौरान इसकी गति 7 kmph कर दी जाएगी।

चंद्रयान 2 की मंजूरी कब और किसने दी ?

12 नवंबर 2007 को भारत और रुस ने मिलकर तय किया था कि वह चंद्रयान 2 पर कार्य करेंगे लेकिन बाद में रुस ने अपने हाँथ पीछे कर लिए और इसी वजह से पूरा भार भारत पर आ गया, और फिर भारत ने अपने स्वदेशी ज्ञान का इस्तेमाल करते हुए चंद्रयान 2 पर कार्य किया और उसे अपने असली मुकाम तक पहुंचाया।

चंद्रयान 2 को बनाने में कितना समय लगा था?

चंद्रयान 2 को बनाने में पूरे 10 वर्ष का समय लगा था।

चंद्रयान 2 का मॉडल किस वैज्ञानिक ने बनाया है?

चंद्रयान 2 का तैयार करने में किसी एक प्रमुख वैज्ञानिक नहीं है बल्कि इसे बनाने में इसरो की विभिन्न शाखाओं का हाँथ है साथ ही HAL और दुसरे Space Center ने भी अपना योगदान दिया था।

चंद्रयान 1 और चंद्रयान 2 में क्या अंतर है ?

चंद्रयान 2 चाँद के उन इलाको में जहाँ तक कोई ओर देश नहीं पहुंच पाया है वहां अपने लैंडर विक्रम को उतरेगा और फिर चार पहियों वाला रोवर प्रज्ञाम चाँद तक फिट हो जायेगा जिससे चाँद से सम्बंधित अनेक जानकारी वैज्ञानिको मिलेगी।

लेकिन यह काम चंद्रयान 1 नहीं कर पाया था। वस् इतना ही अंतर है चंद्रयान 1 और चंद्रयान 2 में।

चंद्रयान 2 पृथ्वी पर कब आएगा?

चंद्रयान 2 अगले 1 वर्ष तक चन्द्रमा पर ही रहने वाला है।

चंद्रयान 2 को बनाने में भारत के किस किस राज्य के वैज्ञानिक शामिल थे?

चंद्रयान 2 को बनाने मे भारत के अनेक राज्य के वैज्ञानिक शामिल है जिसमे आन्ध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, राजस्थान, बिहार, केरला एवं कर्णाटक इत्यादि प्रमुख है।

चंद्रयान 2 की महत्वपूर्ण जानकारी

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