Monday, August 8, 2022
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नेटवर्क मार्केटिंग की शुरुआत कब और कैसे हुई ?

सबसे पहले सन 1940 में पहली बार नेटवर्क मार्केटिंग की शुरुआत का उच्च रंग रुप वाला जन्म अमेरिका में हुआ।

Nutrilite विटामिन प्रोडक्ट्स बनाने के लिए शुरू की थी लेकिन मार्केट प्रतिस्पर्धा तथा पारंपरिक वितरण प्रणाली  कमज़ोरी को देखते हुए उन्होंने एक नया मार्केटिंग आइडिया खोजा, जिसे नेटवर्क मार्केटिंग कहा गया। पहली बार नेटवर्क मार्केटिंग की शुरुआत प्लान 1945 में इन्हीं के द्वारा अमेरिका में परिचित हुआ।

नेटवर्क मार्केटिंग का इतिहास

Avon दुनिया की पहली डायरेक्ट सेलिंग कंपनी थी जिसके संस्थापक डेविड एच॰ मैककोनेल थे। जिसने अपने Representative के साथ ऐसा प्लान बनाया था जिसकी पहली महिला consulted थी Mrs P.F.E. Albee. उन्होंने AVON Products ज्वाइन किया था और घर-घर जाकर परफ्यूम बेच कर अपने करियर की शुरुआत की थी ।

1934 में Carl F.Rehnborg  जो चाइना से US आए थे उन्होंने देखा  की जड़ी बूटियों, मल्टीविटामिन का ज्यादा  उपयोग हो रहा हैं उन्होंने 1934 में ही California Vitamins करके एक कंपनी बनाई। 

ये मल्टीविटामिन और हेल्थ सप्लीमेंट बनाती थी 5 साल बाद इस कंपनी का नाम चेंज कर दिया गया, 1939 में इसका नाम Nutrilite रख दिया गया। सबसे पहले सन 1940 में पहली बार नेटवर्क मार्केटिंग का उच्च रंग रुप वाला जन्म अमेरिका में हुआ।

Nutrilite विटामिन प्रोडक्ट्स बनाने के लिए शुरू की थी लेकिन मार्केट प्रतिस्पर्धा तथा पारंपरिक वितरण प्रणाली  कमज़ोरी को देखते हुए उन्होंने एक नया मार्केटिंग आइडिया खोजा, जिसे नेटवर्क मार्केटिंग कहा गया।

पहली बार नेटवर्क मार्केटिंग की शुरुआत प्लान 1945 में इन्हीं के द्वारा अमेरिका में परिचित हुआ।

उन्होंने सोचा कि अगर हम अपने विटामिन उत्पादों को बेचने के लिए पारंपरिक तरीके के स्थान पर एक नया तरीका खोजा जाएं, तो हम तुलनात्मक रूप से जल्द ही मार्केट में उत्पादों को ग्राहकों से परिचित कराने में सफल हो सकते हैं।

उन्होंने सोचा कि यदि हम बीच के डिस्ट्रीब्यूटर, डीलर, होलसेलर, रिटेलर हो हटा दिया, मतलब प्रोडक्ट को सीधा ग्राहक को दे और विज्ञापन पर खर्च होने वाले पैसे को भी बचा ले, तो हम एक नई मार्केटिंग योजना बना सकते हैं।

जिससे हम ग्राहकों के द्वारा होने वाली खरीदी और बिक्री पर उन्हें कमीशन बांट सकते है, साथ में इनकम कमाने का एक नया तरीका भी दे सकेगे। हमारा ग्राहक ही हमारा डिस्ट्रीब्यूटर बन सकें। और कंपनी पारंपरिक वितरण विधि की कमजोरी  से होने वाले नुकसान से बच सकेगी।

साथ ही कंपनी के उत्पाद बिक्री तो होगे ही साथ में नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे, इस तरह वर्तमान में नेटवर्क मार्केटिंग उद्योग ने विश्व को रोजगार के ढेर सारे मौके दिए।

समय के साथ–साथ नेटवर्क मार्केटिंग पूरे विश्व अनेक देश में फैलती गई और अनेक कंपनी ने नेटवर्क मार्केटिंग की अवधारणा को स्वीकार किया और बाजार में एक नई क्रांति के रूप में यह प्रचलित होती गई।

Nutrilite के दो डायरेक्ट सेलर Jay Van Andel और Richard Devos ने Nutrilite में 10 वर्ष तक मेहनत से कार्य किया, लेकिन बाद में उनके दिमाग में  अपनी स्वयं की नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी बनाने के बारे में ख्याल आया, इसलिए उन्होंने 5000 डायरेक्ट सेलर के साथ मिलकर सन 1959 में Amway नामक अमेरिकी कंपनी शुरू की।

और दोनों ने 1994 में Nutrilife कंपनी को भी Amway में मिला लिया। उन्होंने अपने मिशन और विजन का सुनियोजित प्रचार–प्रसार कर Amway के माध्यम से विश्व के अलग–अलग देश में नेटवर्क मार्केटिंग अवधारणा को पहुंचाया।

1987 में थाईलैंड, 1971 में ऑस्ट्रेलिया, 1973 में यूरोप, 1979 में जापान, 1995 में चीन और भारत में मैंने यानी नेटवर्क मार्केटिंग ने सन 1995 में पहली बार कदम रखा लेकिन 1996 से नेटवर्क मार्केटिंग की शुरुआत से संबंधित कार्य शुरू हुए।

Lakshya Narbariyahttps://lakshya.narbariya.com
लक्ष्य नरबरिया, बीएससी कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट, ब्लॉगर, यूटूबर, ऑथर, डिजिटल मार्केटर, नेटवर्क मार्केटर तथा Narbariya.com के फाउंडर है। जो इस Hindi Tech Blog पर टेक्नोलॉजी पर आधारित विभिन्न जानकारी साझा करते हैं।
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