Best Hindi Poem 2023 : कि है तागत मेरे वाजुओं में अभी

नमस्कार दोस्तों, मैं आपके लिए शानदार Best Hindi Poem पेश कर रहा हूँ, जिन्हे पढ़कर आपको अद्भुत महसूस होगा, मेरा नाम Sumit Sarathe है और मैं Bsc का Student हूँ, मुझे New Poems और Story likhna पसंद है जो अनेक विषयों पर हो सकती है आज यहाँ मेरी पहलीं Best Hindi Poem प्रस्तुत है।

#1

कि है तागत मेरे वाजुओं में अभी |

कि किसी का सहारा बन सकू ||

कि है तागत मेरे वाजुओं में अभी |

कि मैं अंधे का चश्मा बन सकू ||

कि है इतनी बुद्धि मुझमे अभी |

कि किसी को सच-झूठ का फर्क समझा सकू ||

कि है इतनी दया मेरे दिल में अभी |

कि मैं भूखे को खाना खिला सकू ||

कि है इतनी शक्ति मेरे मन में अभी |

कि मैं किसी की पूजा कर सकू ||

कि है इतना प्यार मेरे दिल में अभी |

कि किसी को जी भर कर दुलार कर सकू ||

#2

पेड़: Hindi Poems

उचट रही है टेढ़ी डाल, नहीं अभी तक है मुरझाई |

सावन बीता, बीत गया जाड़ा कप के,

फिर भी है अभी वो हरी भरी,

देख लिया है हर मौसम उसने,

फिर भी रहती वो खड़ी-खड़ी,

दी है उसने सबको छाँव,

मिला हुआ है सबको आराम,

फूलती फरती नहीं करती है, वो कभी कोई काम,

बच्चों को खेलते देखा बूढ़ो को दी उसने छाँव

झूलती रहती दिन भर फिर भी, फिर भी नहीं है उसको एक पांव

पत्ती पत्ती उसकी सारी गाय खाती, डाल डाल पे पंझी सुजाति

आती हमारे इतने काम, फिर क्यों न माने लकड़हारा श्याम

क्यों न माने मेरा कहना, तेरी वजह से पेड़ को क्यों सहना

पेड़ नहीं तो कुछ भी न है, फिर तेरा मेरा वजूद क्या है।

काटेगा तो हर एक पत्ती तुझे कोसेगी,

मत काट पेड़ की दुआ मिल जाएगी।

मैं आशा करता हूँ आपका मेरी यह Best Hindi Poem बहुत पसंद आयी होगी इसके लिए आपका धन्यबाद! मुझे आपसे उम्मीद है कि इन्हे आप अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करेंगे, मैं आपके लिए Narbariya.com पर New Motivational और अनेक Topics पर Poem और Story लाता रहुगा जो मेरे द्वारा ही तैयार की जाती है।

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