नास्तिक बस ड्राइवर :- एक_जेल में एक बस ड्राइवर था जिसे लोग नास्तिक कह कर पुकारते थे।
एक पत्रकार उसका इंटरव्यू लेने जेल में पहुंचा और पूछा “तुम्हारा नाम नास्तिक कैसे पड़ा ?

एक नास्तिक बस ड्राइवर की कहानी

उसने बताया वो पहाड़ी इलाके मे बस चलाता था। एक बार मै यात्रियों को ले कर जा रहा था कि अचानक बस के आगे का टायर पंचर हो गया और बस बुरी तरह लड़खड़ाने लगी। मैने अपनी जिन्दगी का पूरा तजुर्बा लगा दिया बड़ी मुश्किल से ,अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए , ब्रेक लगा कर किसी प्रकार , बस रोक पाया ‌।


नीचे गहरी खाई थी खाई के मुंह के पास जाते जाते बस रुक गयी। मैने पीछे मुड़ कर देखा तो #सब_प्रार्थना कर रहे हैं। फिर वो बोले “#ईश्वर_ने_हमें_बचा_लिया”

मैं बोला “अरे भाई मैने बचाया” गाड़ी का अनुभव न होता तो इस हालत में तुम सबका मरना तय था तब सब मुझ पर चिल्लाने लगे #अबे_नास्तिक_है_तू यह तो ईश्वर की कृपा थी वरना तू तो मार ही देता।


मैने कहा ठीक है तब ईश्वर ही तुम्हे बचाएगा और मैं ब्रेक को छोड़ते हुए बस से बाहर कुद गया।
और उसके बाद………
बस सीधा खाई में पहुंची…….
सभी यात्री अपने अपने ईश्वर के पास REPORTING करने सीधे पहुंचे और मै जेल में ।
#तबसे_मेरा_नाम_ही_ #नास्तिक_पड़_गया।✍

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