लोगों का क्या ?

लोगों का क्या वह तो ऐसे ही कहते हैं जैसे कि पेड़ को हिलाने से पैसों की बारिश हो जाएगी पर वह लोग भूल जाते हैं जो उन्हें पता नहीं होता है कि एक अच्छा सफल व्यक्ति पहले अपना एक सोच बनाता है उस पर कल्पना करता है।

उसको सिस्टम में लाता है कई दिन कई माह के पश्चात वह उसकी सोच को आगे बढ़ाने में सफल होता है जितने भी लोग सफल हुए हैं , में पहले उन्होंने सोच बनाई उस पर कल्पना की यह कैसे होगा ? नहीं होगा, फिर उसने कुछ अपने सिस्टम बनाया।

कई दिन कई वर्ष तक उस पर सर्च, मेहनत की, पैसा खर्च किया लेकिन उसका जो कितना निवेश था, उसका निर्यात था,  उसका आयात नहीं हुआ लेकिन कई वर्षों  बाद जो उनकी मेहनत रंग लाती है कि निर्यात होता है 10 वर्षों का है वह 1 वर्ष के अंदर उसकी भरपाई पूरी कर लेते हैं ऐसी सोच के व्यक्ति धनी व्यक्ति कहलाते हैं।

और उनके पास सारी संपत्ति सारी संपदा इकट्ठी हो जाती है ऐसे ही संपत्ति और संपदा हासिल करने की जो लोग तमन्ना रखते हैं चाहत रखते हैं अपनी सोच, कल्पना के साथ उस कार्य को प्रारंभ करते हैं और अंत तक डटे रहते हैं जब तक वह उस मुकाम तक नहीं पहुंच जाते ।

-:यह भी पढ़े:-

लोगों का क्या ?

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

शीर्ष तक स्क्रॉल करें