क्या सच में बच्चे चोरी किये जा रहे है ?

आये दिनों सोशल मीडिया पर कोई न कोई मैसेज या वीडियो वायरल होता रहता है ऐसा कुछ इन दिनों हो रहा है कि बच्चे अपहरण करने वाले गिरोह बच्चों को किडनेप कर रहे है जिसके कारण अभिभावक चिंता से व्याप्त है, इन्ही वायरल वीडियो और फोटोज के चलते अनेक निर्दोष लोग शक के घेरे में आ रहे है।

जुलाई का महीना इन खून से लतपत तस्वीरों और वीडियो के चलते भयानक सा हो गया है लोग डरे हुए है बच्चों को स्कूल भेजने में भी हिचक महसूस कर रहे है, और कई निर्दोष लोग इन अफवाहों के कारण मारे गए है कुछ इसी तरह की अफवाहे जून 2018 में भी फैलाई गई थी।

बच्चों के अपहरण की घटनाएं घातक साबित हुई

वायरल वीडियोज में कहा जा रहा है कि इतना शेयर करो कि किस तरह के काम करने वाले पकड़े जाये लेकिन इन्हे शेयर करने से देश में अनेक लोगों की सिर्फ झूठे शक में आने से जान चली गई है चलिए आपको कुछ उदाहरण देते है-

1 . अभी हाल ही में कर्नाटक में गूगल के एक इंजीनियर को लोगो ने पीट पीटकर हत्या कर दी सिर्फ इसलिए की वह गांव में घूमने नया-नया आया था स्थानीय पुलिस और मीडिया द्वारा बताया गया कि लोगो ने उसे बच्चा चोर समझकर मोहम्मद आजम अहमद नाम के 32 साल युवक को पीट पीटकर मार दिया।

बच्चा चोर

ये अपने चार दोस्तों के साथ अपनी कार से घूमने के निकले और रास्ते में कुछ स्कूली बच्चों को चॉकलेट बांटने लगे और फिर इनके बच्चे चोर होने की खबर whatsapp पर viral होने लगी और शक के कारण यह घटना हुई।

2 . अभी 1 जुलाई 2019 को महाराट्र में कुछ लोगो को बस से उतरते देख आस पास मौजूद लोगो ने बच्चा चोर समझकर उन लोगो पर हमला कर दिया, हमले में 5 निर्दोष लोगो की जान गई, पुलिस के मुताबिक कुछ दिनों से अफवाह फैलाई जा रही है की बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है.

इन अफवाहों ने 20 मई से लेकर अब तक 14 लोगो की जान ले ली है, इन वीडियो और मैसेज के कारण लोगो ने भीड़ के रूप में पीड़ित लोगो पर हमला किया है साथ ही पुलिस ने ये भी कहा है की Social Media पर viral इस तरह की अफवाहों पर भरोसा न करे।

3 . हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट अनुसार, पिछले कुछ समय से मॉब लीचिंग की घटनाये देश के लगभग सभी राज्यों से आ रही है, 28 जून को त्रिपुरा में संदेह के कारण लोगो ने दो निर्दोष लोगो की पीट पीटकर हत्या कर दी जिसमे पहले व्यक्ति सामाजिक कार्यकर्त्ता सुक्रान्ता चक्रवर्ती थे जिन्हे त्रिपुरा राज्य सरकार ने सोशल मीडिया पर फ़ैल रही अफवाहों के बारे में आम लोगो को जागरूक करने के लिए नौकरी पर रखा गया था।

4 . गरोठ नामक क्षेत्र में कुछ दिनों से बच्चा चोरी गिरोह के आने की अफवाहे फैलाई जा रहीं थी, इसी चक्कर में ग्राम बरखेड़ा में कुछ लोगो ने एक युवक को शक ने लेकर पुलिस के हवाले कर दिया, थाने में जाँच के बाद पुलिस ने उस युवक को मानसिक रोगी बताया और उसे थाने से छोड़ दिया।

5 . देश भर में ऐसी कई तस्वीरें देखी जा रही है, हमने इस तस्वीरों में पाया कि इनमे से अधिकांश इमेज ऐसी है जिनका बच्चा चोरी की घटनाओं से कोई सम्बन्ध नहीं है, फिर भी इन्हे गलत तरीके से सोशल साइट्स पर फैलाया जा रहा है।

बच्चा चोर गिरोह

6 . बच्चा चोर होने के शक में झारखण्ड राज्य में मोहल्ले के लोगो ने 7 अनजान लोगो को इतना मारा जब तक की वे मर न जाये, तबकी वह 7 लोग किसी प्रोजेक्ट के लिए आये थे।

आपको बता दे बच्चा चोरी की यह अफवाहे झारखण्ड से हुई है, इन झूठी वीडियोज के कारण 11 राज्यों में 30 से ज्यादा निर्दोष लोगो की जान जा चुकी है

इन राज्यों में इतने निर्दोष लोग मारे गए –

झारखंड- 7 
महाराष्ट्र- 5
तमिलनाडु- 3
तेलंगाना- 2
त्रिपुरा- 3
कर्नाटका- 2
असम- 2
गुजरात- 1 
पश्चिम बंगाल- 1 
आंध्र प्रदेश- 1 
मध्यप्रदेश- 1

इन अफवाहों को लगाम लगाने के लिए कुछ राज्यों में इंटरनेट सेवा भी बंद की गई थी और भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे।

आपको बता दे सोशल मीडिया पर लगातार फैलती गलत वीडियो और फोटो को लेकर केंद्र सरकार शख्त हो गई है और राज्यों को भी निर्देश दिए गए है साथ ही गृह मंत्रालय ने भी अफवाहों की शुरूआती पहचान और निगरानी रखने के लिए निर्देश दिए है।

Narbariya.com ने जब पड़ताल शुरू की तो सबसे पहले हमने जितने भी वीडियो और फोटोज वायरल हो रहे है उन्हें इकट्ठा करने की कोशिश की और उनकी जाँच शुरू की तो हमने पाया कि वायरल मैसेज, वीडियो और फोटोज में ज्यादातर ऐसी फोटो, वीडियो और मैसेज थे जो पिछले दो साल पहले के थे और कुछ जून 2018 के थे, जिस तरह आज यह अफवाहे फ़ैल रही है उसी प्रकार 2018 और इससे पहले भी फैलाई गयी थी।

उन पुरानी अफवाहों से डर का माहौल बनाया जा रहा है हम दावा नहीं करते कि यह अफवाहे सही है या गलत, लेकिन इनके कारण कई निर्दोष फंस रहे है सिर्फ शक की निगाहों के चलते।

अगर आप भी इन मैसेज, वीडियो और फोटोज को फॉरवर्ड कर रहे तो सावधान ! क्योंकि आप पर भी पुलिस जुर्माना लगा सकती है। किसी भी चीज़ को शेयर करने से पहले उसकी तह तक जाकर सोचिये और हो सके तो पुलिस को इन वायरल हो रहे मैसेज की जानकारी दे।

ध्यान रखिये आपके एक मैसेज शेयर करने से किसी निर्दोष व्यक्ति की जान जा सकती है।

Whatsapp कंपनी द्वारा टीवी पर भी विज्ञापन दिखाए गए थे इन्ही अफवाहों से लोगो को जागरूक करने के लिए।

कैसे नकली मैसेज को पहचाने

सतर्क रहिये, अलर्ट रहिये लेकिन अफवाहों से बचिए !

अस्वीकरण: Narbariya.com किसी भी तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल अफवाहो का कतई समर्थन नहीं करता और हम इसकी सत्यता /असत्यता पर पक्ष या विपक्ष पर मत पेश नहीं करते है, उपरोक्त जानकारी विभिन्न न्यूज़ वेबसाइट और अखबारों से विश्लेषित है।

हमारा मकसद सिर्फ निर्दोष लोगो की ओर ध्यान केंद्रित करना था जिन्हे लोग संदेह के कारण अनजान और बच्चा चोर समझकर भीड़ से घेर लेते है और बिना सोचे समझे उन्हें पीट पीटकर घायल कर दिया जाता है यहाँ तक की हत्या भी कर दी जाती है।

क्या सच में बच्चे चोरी किये जा रहे है ?

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